(अतुल शर्मा)
नभ से गिरती बारिश की कोई बूँद
जब धीरे से तुम्हें स्पर्श कर ले
या ओस की पहली किरण
जब तुम्हें हल्के से चूम ले
ठंडी हवा का मस्त सा झोंका
तुम्हें प्यार से सहला दे
चांदनी की हलकी सी रुमानियत
तुम्हें धीरे से छू जाए
भीगी माटी की सौंधी सी खुश्बू
तुम्हें प्यार से सराबोर कर दे
तब
तुम एक बार मुझे याद करना
मेरे प्यार की गर्माहट को महसूस करना
तपती धूप में रिमझिम फुहारों सा मेरा प्यार
सर्द जाडों की रातों में सुलगती आग सा मेरा प्यार
दूर तक फैले रेगिस्तान में हो जैसे
छोटा सा नखलिस्तान मेरा प्यार
कांटों के बीच सुर्ख गुलाब सा प्यार
बरसते बादलों में इद्रधनुष सा मेरा प्यार
स्वार्थ की दुनिया के बीच यह मासूम प्यार
दो दिलों को जोडता यह कैसा खुमार
सुहाने सफर की नींद सा यह प्यार
सुबह की उनींदी बोझिल आंखों का प्यार
हिमगिरी से उतरती गंगा सा प्यार
पहाड से गिरते झरनों सा प्यार
पक्षियों के कलरव सा गूंजता यह प्यार
दुनिया से अहसासों में सबसे खूबसूरत यह प्यार
इन सब अहसासों में तुम मुझे याद करना
और फिर मुझसे सिर्फ मुझसे प्यार करना।
अतुल शर्मा
नभ से गिरती बारिश की कोई बूँद
जब धीरे से तुम्हें स्पर्श कर ले
या ओस की पहली किरण
जब तुम्हें हल्के से चूम ले
ठंडी हवा का मस्त सा झोंका
तुम्हें प्यार से सहला दे
चांदनी की हलकी सी रुमानियत
तुम्हें धीरे से छू जाए
भीगी माटी की सौंधी सी खुश्बू
तुम्हें प्यार से सराबोर कर दे
तब
तुम एक बार मुझे याद करना
मेरे प्यार की गर्माहट को महसूस करना
तपती धूप में रिमझिम फुहारों सा मेरा प्यार
सर्द जाडों की रातों में सुलगती आग सा मेरा प्यार
दूर तक फैले रेगिस्तान में हो जैसे
छोटा सा नखलिस्तान मेरा प्यार
कांटों के बीच सुर्ख गुलाब सा प्यार
बरसते बादलों में इद्रधनुष सा मेरा प्यार
स्वार्थ की दुनिया के बीच यह मासूम प्यार
दो दिलों को जोडता यह कैसा खुमार
सुहाने सफर की नींद सा यह प्यार
सुबह की उनींदी बोझिल आंखों का प्यार
हिमगिरी से उतरती गंगा सा प्यार
पहाड से गिरते झरनों सा प्यार
पक्षियों के कलरव सा गूंजता यह प्यार
दुनिया से अहसासों में सबसे खूबसूरत यह प्यार
इन सब अहसासों में तुम मुझे याद करना
और फिर मुझसे सिर्फ मुझसे प्यार करना।
अतुल शर्मा
